ai ishq tu ne waakif-e-manzil banaa diya | ऐ इश्क़ तू ने वाक़िफ़-ए-मंज़िल बना दिया

  - Dil Shahjahanpuri
इश्क़तूनेवाक़िफ़-ए-मंज़िलबनादिया
अबमरहलोंकोऔरभीमुश्किलबनादिया
अल्लाह-रेशौक़-ए-क़ैसकीजल्वा-तराज़ियाँ
अक्सरग़ुबार-ए-दश्तकोमहमिलबनादिया
मैंग़र्क़होरहाथाकितूफ़ान-ए-इश्क़ने
इकमौज-ए-बे-क़रारकोसाहिलबनादिया
हमनेइकआह-ए-सर्दकोशम-ए-सहरकेसाथ
रूदाद-ए-ना-तमामकाहासिलबनादिया
दिलयेसबअमीर-ए-सुख़न-वरकाफ़ैज़है
ज़र्रेकोजिसनेजौहर-ए-क़ाबिलबनादिया
  - Dil Shahjahanpuri
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