परेशाँहैंख़िरद-मंदोंकीहैरानीनहींजाती
मिटाईअक़्लसेतहरीर-ए-पेशानीनहींजाती
भुलाताहूँउन्हेंजितनावोउतनेयादआतेहैं
ख़लिशज़ख़्म-ए-मोहब्बतकीब-आसानीनहींजाती
अगरहोशीशा-ए-दिलसाफ़तोदम-भरमेंखुलजाए
हक़ीक़तक्यूँख़ुदा-ए-पाककीजानीनहींजाती
मुक़द्दरमेंजोलिक्खाहैवोबदलाहैनबदलेगा
ख़ुदाईहुक्ममेंहुज्जतकोईमानीनहींजाती
किसीकाजल्वा-ए-रंगींकहींइकबारदेखाथा
मगरअबतकनिगाहोंकीवोहैरानीनहींजाती
हवसदीदारकीदिलसेजोनिकलेभीतोक्यानिकले
बहार-ए-हुस्नकीजबजल्वा-सामानीनहींजाती
हयात-ए-चंद-रोज़ाकेतमाशोंमेंहैंग़मऐसे
हमारेदिलसेहिर्स-ए-आलम-ए-फ़ानीनहींजाती
हमारीज़िंदगीहैइकबहार-ए-बे-ख़िज़ाँ'आक़िल'
हमारेताइर-ए-दिलकीग़ज़ल-ख़्वानीनहींजाती