kisi ne kar diya hai aaj itnaa door ghazalon se | किसी ने कर दिया है आज इतना दूर ग़ज़लों से

  - Deva morya 'Raahi'
किसीनेकरदियाहैआजइतनादूरग़ज़लोंसे
बताकैसेमिरेचेहरेमेंलाऊँनूरग़ज़लोंसे
हुनरबख़्शाहोकितनाभीयहीसमझाज़मानेने
भलाक्यापेटभरतेहैंकभीमज़दूरग़ज़लोंसे
बहुतकमज़ोररक्खीथीकिसीनेनींवख़्वाबोंकी
इमारतअबनहींबनतीहैचकनाचूरग़ज़लोंसे
कहाँमुमकिनथामिसरोंसेसुख़न-वरदिलबनादेगा
मगरअबदेखबदलाहैयहीदस्तूरग़ज़लोंसे
यहाँतकगएहोतोज़रायेशोरभीसुनलो
सजीहैआजभीमहफ़िलसनममशहूरग़ज़लोंसे
तुझेगरसाथरखनाहैइन्हेंलेकरचलाजातू
मकाॅंख़ालीकरानाहैमुझेमग़रूरग़ज़लोंसे
मिरीइसज़िंदगीमेंइकतमाशारोज़होताहै
मगरलगतानहींराहीकभीमजबूरग़ज़लोंसे
  - Deva morya 'Raahi'
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