hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Deepak Maurya
aks utarta hai uskaa jab paani men
aks utarta hai uskaa jab paani men | अक्स उतरता है उसका जब पानी में
- Deepak Maurya
अक्स
उतरता
है
उसका
जब
पानी
में
आँखें
पड़
जाती
हैं
सब
हैरानी
में
बिन
सोचे,
मैं
दिल
दे
बैठा
था
उसको
जान
भी
जा
सकती
थी
इस
नादानी
में
- Deepak Maurya
Download Sher Image
तुझ
तक
आने
का
सफ़र
इतना
भी
आसाँ
तो
न
था
तूने
फेरी
है
नज़र
हम
सेे
जिस
आसानी
से
Mohit Dixit
Send
Download Image
4 Likes
एक
चेहरा
है
जो
आँखों
में
बसा
रहता
है
इक
तसव्वुर
है
जो
तन्हा
नहीं
होने
देता
Javed Naseemi
Send
Download Image
48 Likes
तुम
तो
सर्दी
की
हसीं
धूप
का
चेहरा
हो
जिसे
देखते
रहते
हैं
दीवार
से
जाते
हुए
हम
Nomaan Shauque
Send
Download Image
40 Likes
ऐसे
इक़रार
में
इंकार
के
सौ
पहलू
हैं
वो
तो
कहिए
कि
लबों
पे
न
तबस्सुम
आए
Asad Bhopali
Send
Download Image
22 Likes
तुम्हारे
पास
आते
हैं
तो
साँसें
भीग
जाती
हैं
मोहब्बत
इतनी
मिलती
है
कि
आँखें
भीग
जाती
हैं
तबस्सुम
इत्र
जैसा
है
हँसी
बरसात
जैसी
है
वो
जब
भी
बात
करती
है
तो
बातें
भीग
जाती
हैं
Read Full
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
50 Likes
एक
ही
बार
नज़र
पड़ती
है
उन
पर
‘ताबिश’
और
फिर
वो
ही
लगातार
नज़र
आते
हैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
55 Likes
देखने
के
लिए
सारा
आलम
भी
कम
चाहने
के
लिए
एक
चेहरा
बहुत
Asad Badayuni
Send
Download Image
45 Likes
मुमकिन
है
कि
सदियों
भी
नज़र
आए
न
सूरज
इस
बार
अँधेरा
मिरे
अंदर
से
उठा
है
Aanis Moin
Send
Download Image
20 Likes
ज़ख़्म
लगे
हैं
कितने
दिल
पर
याद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
शाद
नहीं
हूँ
मैं
तुमको
नाशाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
उम्र
गए
पे
तेरी
सूरत
और
मिरी
आँखें
टकराईं
उम्र
गए
में
सोची
वो
फ़रियाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
Read Full
Dhiraj Singh 'Tahammul'
Send
Download Image
3 Likes
मुझको
ये
नज़र
आया
के
वो
एक
बला
है
कुछ
ख़्वाब
है
कुछ
अस्ल
है
कुछ
तर्ज
-ए-
अदा
है
वो
ग़ैर
की
आग़ोश
में
रहने
लगा
शादाँ
उसको
नहीं
मालूम
के
दिल
मेरा
जला
है
Read Full
Navneet krishna
Send
Download Image
4 Likes
Read More
जिनके
हम
नाम
भूल
जाते
हैं
फिर
वो
चेहरों
से
याद
आते
हैं
देख
ले
वो
जो
मुस्कुरा
के
मुझे
देर
तक
हम
भी
मुस्कुराते
हैं
याद
बातें
पुरानी
करने
से
ज़ख़्म
फिर
से
नए
हो
जाते
हैं
इश्क़
करके
यही
हुआ
हासिल
बीते
लम्हें
मुझे
सताते
हैं
हैं
जो
वीरां
शज़र,
परिंदों
से
वक़्त
से
पहले
सूख
जाते
हैं
Read Full
Deepak Maurya
Download Image
1 Like
सबको
अपना
यार
बनाना
ठीक
नहीं
इस
दिल
को
बाजार
बनाना
ठीक
नहीं
पूरा
बदन
बना
करके
अच्छा-अच्छा
चेहरा
फिर
बेकार
बनाना
ठीक
नहीं
बे-मतलब
की
यारी
ख़ुशियाँ
देती
है
मतलब
से
बस
यार
बनाना
ठीक
नहीं
अपनो
से
मिलने
का
जिस
में
वक़्त
न
हो
ऐसे
भी
मेयार
बनाना
ठीक
नहीं
Read Full
Deepak Maurya
Download Image
13 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Dushman Shayari
Sorry Shayari
Cigarette Shayari
Wafa Shayari
Death Shayari