samandar ke ishaaron par ye halchal ho hi jaati hai | समुंदर के इशारों पर ये हलचल हो ही जाती है

  - Deenbandhu Jaiswal
समुंदरकेइशारोंपरयेहलचलहोहीजातीहै
किनारेपरखड़ीकश्तीभीजल-थलहोहीजातीहै
बुराख़ुदकाभीहोनेसेकहाँमैंरोकपाताहूँ
दु'आदुश्मनकीकोईहोमुकम्मलहोहीजातीहै
मियाँउम्मीदजबतकहैकिज़िंदाआदमीभीहै
वगरनाधड़कनोंमेंरोज़खल-बलहोहीजातीहै
किसीतन्हाकेहाथोंकोनहींजबथामताकोई
तोऐसेहाथमेंफिरयारबोतलहोहीजातीहै
शिकायतहैज़मानेकोमगरमैंक्याकरूँँमेरी
मुहब्बतमेंकोईलड़कीहोपागलहोहीजातीहै
तअल्लुक़वज़्नकाऐसाहैमेरीपीठसेयारो
करूँँजितनाभीकमपरपीठबोझलहोहीजातीहै
ज़रूरीभीनहींहोताकिबादलराहमेंबरसें
जिधरमैंपाँवरखताहूँवोदलदलहोहीजातीहै
  - Deenbandhu Jaiswal
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