फ़िक्र-ए-फ़र्दा को हटाओ मुस्कुराओ

  - Deenbandhu Jaiswal
फ़िक्र-ए-फ़र्दाकोहटाओमुस्कुराओ
आजमेंतुमलौटआओमुस्कुराओ
चाहसागरकीतुमकोचैनदेगी
इकनदीमेंख़ुशहोजाओमुस्कुराओ
जीतनेमेंबा-रहाभीक्यामज़ाहै
ख़ुदकभीहीहारजाओमुस्कुराओ
फूलपत्तेंछोड़जाएँसाथजिसका
उसशजरकोघरबनाओमुस्कुराओ
अब्रभीतरकेपिघलनेहैज़रूरी
अश्क़भीथोड़ेबहाओमुस्कुराओ
तीरगीहरसम्तहैतोक्याहुआफिर
बनकेजुगनूफैलजाओमुस्कुराओ
हरकलीहरफूलतुमपरमरमिटेंगे
भँवरेसाबसगुनगुनाओमुस्कुराओ
जोज़मानासोचताहैतुमभीसोचो
बाजइसहरकतसेआओमुस्कुराओ
हाथमेरादेखतेबोलामुनज्जिम
क्याहीबोलूँछोड़ोजाओमुस्कुराओ
जारहास्कूलउसकाएकबच्चा
अबतोउसकोभूलजाओमुस्कुराओ
मानताहूँहैकठिनपरयारमेरे
होकभीतोआज़माओमुस्कुराओ
  - Deenbandhu Jaiswal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy