do aankhoñ se koii kitna kitna hi ro saktaa hai | दो आँखों से कोई कितना कितना ही रो सकता है

  - Deenbandhu Jaiswal
दोआँखोंसेकोईकितनाकितनाहीरोसकताहै
इसगहरेसागरकापानीभीतोकमहोसकताहै
आमोंसेलदकरकेटूटीदेखोतोउसडालीको
कैसेकोईसबकुछपाकरसबकुछभीखोसकताहै
सूरजकीज़ुल्मतसेयारीहोतेजबसेदेखीहै
इकपलभीचाहेतोवोजुगनूकैसेसोसकताहै
जिसपौधेकोसींचाउसकीलकड़ीमेंहीदहकामैं
मैंभीसोचूँकोईभीमेराकैसेहोसकताहै
आलाम-ए-हस्तीमेंभीमैंचलताजाऊँगाभगवन
देखूँतोरस्तेमेंतूकाँटेकितनेबोसकताहै
  - Deenbandhu Jaiswal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy