nigah-e-yaar soon haasil hai mujh koon may-noshi | निगाह-ए-यार सूँ हासिल है मुझ कूँ मय-नोशी

  - Daud Aurangabadi
निगाह-ए-यारसूँहासिलहैमुझकूँमय-नोशी
लब-ए-ख़मोशनेबख़्शाहैउसकेख़ामोशी
बजाहैगरकरे'आशिक़कूँएकदौरमेंमस्त
हैजाम-ए-चश्म-ए-सनममेंशराब-ए-बे-होशी
कियाहैशोख़नेबरमेंक़बा-ए-नाफ़रमाँ
उदूलक्यूँँकरेवादा-ए-हम-आग़ोशी
सजनकेनावक-ए-मिज़्गाँकेदिलमेंहैबतरख
कियाहैमैंनेयेदरियामनेज़िरह-पोशी
कियानहींहूँरक़मख़तमैंइससबब'दाऊद'
मैंनामा-बरसूँकहाहूँकिराज़हैगोशी
  - Daud Aurangabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy