zamaane ko KHud se na anjaan rakh | ज़माने को ख़ुद से न अंजान रख

  - Dard Sironji
ज़मानेकोख़ुदसेअंजानरख
कोईमुनफ़रिदअपनीपहचानरख
महकजाएख़ुशबूसेसाराजहाँ
सजाकरमोहब्बतकागुल-दानरख
जोहैकामयाबीकीचाहततुझे
नज़रअपनीमंज़िलपेहरआनरख
तिराक्याबिगाड़ेगाज़ालिमजहाँ
तूहिम्मतकीसीनेमेंचट्टानरख
रग-ए-जाँहैबीवीअगरचेतिरी
तूमाँ-बापकाभीमगरध्यानरख
दिखाएगातुझकोख़ुदाएकदिन
मदीनेकादिलमेंतूअरमानरख
फिरएहसासहोगातुझे'दर्द'का
दर-ए-दिलपेख़ूँ-रंगदरबानरख
  - Dard Sironji
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