तूनपाएगाकहींज़ौक़-ए-क़ज़ामेरेबाद
जोदम-ए-मर्गदेक़ातिलकोदु'आमेरेबा'द
लोगकतराकेमिरेघरसेगुज़रजातेथे
आजक्यूँशहरमेंमातमहैबपामेरेबा'द
थाफ़रिश्तोंकाभीमा'बूदवहीएकमगर
अपनीतख़्लीक़पेनाज़ाँहैख़ुदामेरेबा'द
हमनेतन्हाईसेयारीतोनिभादीलेकिन
यारसेयारकभीहोनजुदामेरेबा'द
अहद-ए-तिफ़्लीसेबुढ़ापेकासफ़रथाकिघुटन
ख़त्महोजाएयेज़हरीलीफ़ज़ामेरेबा'द