tu na paayega kahii zauq-e-qaza mire baad | तू न पाएगा कहीं ज़ौक़-ए-क़ज़ा मेरे बाद

  - Daood Kaashmiri
तूपाएगाकहींज़ौक़-ए-क़ज़ामेरेबाद
जोदम-ए-मर्गदेक़ातिलकोदु'आमेरेबा'द
लोगकतराकेमिरेघरसेगुज़रजातेथे
आजक्यूँशहरमेंमातमहैबपामेरेबा'द
थाफ़रिश्तोंकाभीमा'बूदवहीएकमगर
अपनीतख़्लीक़पेनाज़ाँहैख़ुदामेरेबा'द
हमनेतन्हाईसेयारीतोनिभादीलेकिन
यारसेयारकभीहोजुदामेरेबा'द
अहद-ए-तिफ़्लीसेबुढ़ापेकासफ़रथाकिघुटन
ख़त्महोजाएयेज़हरीलीफ़ज़ामेरेबा'द
  - Daood Kaashmiri
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