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Danish Balliavi
saadgi meri tum na samjhoge
saadgi meri tum na samjhoge | सादगी मेरी तुम न समझोगे
- Danish Balliavi
सादगी
मेरी
तुम
न
समझोगे
बे-वफ़ा
से
मुझे
मुहब्बत
है
जिनकी
नज़रें
हैं
क़ातिलाना
बहुत
उनको
काजल
की
क्या
ज़रूरत
है
- Danish Balliavi
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काट
पाऊँगा
मैं
कैसे
ज़िंदगी
तेरे
बग़ैर
तीन
दिन
का
हिज्र
मुझ
को
लग
रहा
है
तीन
साल
Afzal Ali Afzal
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ये
कब
कहा
था
मुझे
हमनवा
नहीं
देना
मगर
हाँ
फिर
से
वही
बे-वफ़ा
नहीं
देना
मैं
टूट
जाऊँ
तो
आकर
गले
लगा
लेना
कोई
दलील
कोई
मशवरा
नहीं
देना
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Saurabh Sharma 'sadaf'
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तड़पना
हिज्र
तक
सीमित
नहीं
है
उसे
दुल्हन
भी
बनते
देखना
है
Anand Verma
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जहाँ
जो
था
वहीं
रहना
था
उस
को
मगर
ये
लोग
हिजरत
कर
रहे
हैं
Liaqat Jafri
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सुब्ह
तक
हिज्र
में
क्या
जानिए
क्या
होता
है
शाम
ही
से
मिरे
क़ाबू
में
नहीं
दिल
मेरा
Jigar Moradabadi
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बहन
का
प्यार
जुदाई
से
कम
नहीं
होता
अगर
वो
दूर
भी
जाए
तो
ग़म
नहीं
होता
Unknown
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मैं
तेरे
बाद
कोई
तेरे
जैसा
ढूँढता
हूँ
जो
बे-वफ़ाई
करे
और
बे-वफ़ा
न
लगे
Abbas Tabish
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किसी
बे-वफ़ा
से
बिछड़
के
तू
मुझे
मिल
गया
भी
तो
क्या
हुआ
मेरे
हक़
में
वो
भी
बुरा
हुआ
मेरे
हक़
में
ये
भी
बुरा
हुआ
Mumtaz Naseem
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दबी
कुचली
हुई
सब
ख़्वाहिशों
के
सर
निकल
आए
ज़रा
पैसा
हुआ
तो
च्यूँँटियों
के
पर
निकल
आए
अभी
उड़ते
नहीं
तो
फ़ाख़्ता
के
साथ
हैं
बच्चे
अकेला
छोड़
देंगे
माँ
को
जिस
दिन
पर
निकल
आए
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Mehshar Afridi
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लो
फिर
तिरे
लबों
पे
उसी
बे-वफ़ा
का
ज़िक्र
अहमद-'फ़राज़'
तुझ
से
कहा
ना
बहुत
हुआ
Ahmad Faraz
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आशिक़ी
की
ज़रूरत
नहीं
है
अब
किसी
की
ज़रूरत
नहीं
है
ख़ुद
मेरी
जाँ
ने
की
बे-वफ़ाई
अजनबी
की
ज़रूरत
नहीं
है
दिल
को
मैंने
बनाया
है
पत्थर
दिल-लगी
की
ज़रूरत
नहीं
है
जो
है
दिल
में
वही
है
ज़बाँ
पर
मुख़बिरी
की
ज़रूरत
नहीं
है
ख़ुश
रहे
बे-वफ़ा
वो
दग़ा-बाज़
दुश्मनी
की
ज़रूरत
नहीं
है
ज़ीस्त
गुज़रे
फ़क़त
ग़म
ही
ग़म
में
यूँँ
ख़ुशी
की
ज़रूरत
नहीं
है
मौत
से
है
मेरा
दोस्ताना
ज़िंदगी
की
ज़रूरत
नहीं
है
इश्क़
के
दर्द
गाने
की
ख़ातिर
मयकशी
की
ज़रूरत
नहीं
है
मशवरा
दे
रहा
है
वो
'दानिश'
ख़ुद-कुशी
की
ज़रूरत
नहीं
है
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Danish Balliavi
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हाँ
इश्क़
में
जब
से
मिरा
दिल
ये
तुम्हारा
हो
गया
अफ़सोस
तब
से
मौत
का
मुझ
पे
इशारा
हो
गया
Danish Balliavi
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जान
मुझ
पर
भी
जो
क़ुर्बान
किया
करता
है
वो
न
मुझ
पर
कभी
एहसान
किया
करता
है
Danish Balliavi
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कोई
फ़ौलाद
का
बना
है
क्या
मैं
नहीं
डरता
तू
ख़ुदा
है
क्या
Danish Balliavi
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अपने
दिल
में
कैसा
बीज
तू
बोया
है
मेरी
ही
यादों
में
तू
क्यूँ
खोया
है
Danish Balliavi
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