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Danish Balliavi
mujhe maaloom hai tujh se muhabbat ho nahin sakti
mujhe maaloom hai tujh se muhabbat ho nahin sakti | मुझे मालूम है तुझ से मुहब्बत हो नहीं सकती
- Danish Balliavi
मुझे
मालूम
है
तुझ
से
मुहब्बत
हो
नहीं
सकती
तेरे
लहजे
में
थोड़ी
सी
भी
चाहत
हो
नहीं
सकती
बदन
की
ख़्वाहिशें
जब
होने
लगती
है
मुहब्बत
में
तो
फिर
ऐसी
मुहब्बत
में
यूँँ
शिद्दत
हो
नहीं
सकती
- Danish Balliavi
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उस
की
ख़्वाहिश
पे
तुम
को
भरोसा
भी
है
उस
के
होने
न
होने
का
झगड़ा
भी
है
लुत्फ़
आया
तुम्हें
गुमरही
ने
कहा
गुमरही
के
लिए
एक
ताज़ा
ग़ज़ल
Irfan Sattar
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ख़्वाहिश
सुखाने
रक्खी
थी
कोठे
पे
दोपहर
अब
शाम
हो
चली
मियाँ
देखो
किधर
गई
Adil Mansuri
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हज़ारों
ख़्वाहिशें
ऐसी
कि
हर
ख़्वाहिश
पे
दम
निकले
बहुत
निकले
मिरे
अरमान
लेकिन
फिर
भी
कम
निकले
Mirza Ghalib
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मेरा
अरमान
मेरी
ख़्वाहिश
नहीं
है
ये
दुनिया
मेरी
फ़रमाइश
नहीं
है
मैं
तेरे
ख़्वाब
वापस
कर
रहा
हूँ
मेरी
आँखों
में
गुंजाइश
नहीं
है
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Abrar Kashif
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धूप
को
साया
ज़मीं
को
आसमाँ
करती
है
माँ
हाथ
रखकर
मेरे
सर
पर
सायबाँ
करती
है
माँ
मेरी
ख़्वाहिश
और
मेरी
ज़िद
उसके
क़दमों
पर
निसार
हाँ
की
गुंज़ाइश
न
हो
तो
फिर
भी
हाँ
करती
है
माँ
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Nawaz Deobandi
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ख़्वाहिश
सब
रखते
हैं
तुझको
पाने
की
और
फिर
अपनी
अपनी
क़िस्मत
होती
है
Bhaskar Shukla
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तुझे
ख़याल
नहीं
है
सो
हम
बढ़ा
रहे
हैं
फिर
इक
दफ़ा
तेरी
ज़ानिब
क़दम
बढ़ा
रहे
हैं
बहुत
से
आए
तुझे
जीतने
की
ख़्वाहिश
में
हम
एक
कोने
में
बैठे
रक़म
बढ़ा
रहे
हैं
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Zahid Bashir
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मेरी
ख्वाहिश
है
कि
तुझे
फूलों
से
फतह
करूँ
वरना
ये
काम
तो
तलवार
भी
कर
सकती
है
Azhar Faragh
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तुम
माँग
रहे
हो
मेरे
दिल
से
मेरी
ख़्वाहिश
बच्चा
तो
कभी
अपने
खिलौने
नहीं
देता
Abbas Tabish
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ग़ज़ल
पूरी
न
हो
चाहे,
मग़र
इतनी
सी
ख़्वाहिश
है
मुझे
इक
शे'र
कहना
है
तेरे
रुख़्सार
की
ख़ातिर
Siddharth Saaz
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तेरा
बस
नाम
सुन
कर
के
उछलना
याद
आता
है
तेरी
चाहत
में
मुझको
जाँ
पिघलना
याद
आता
है
कभी
जब
ज़िक्र
होता
है
शरारत
की
मेरी
जानम
तेरे
गालों
को
हाथों
से
मसलना
याद
आता
है
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Danish Balliavi
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ऐ
मेरी
जाँ
तुझे
दिल
से
किनारा
हम
नहीं
करते
मुहब्बत
में
तुझे
जाँ
यूँँ
गवारा
हम
नहीं
करते
Danish Balliavi
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तुझको
अपना
दिल
दे
दूँगा
बस
एक
इशारा
कर
मुझको
मैं
रूह
का
'आशिक़
हूँ
जानाँ
सो
दिल
में
उतारा
कर
मुझको
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Danish Balliavi
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उसकी
यादें
शोर
मचाती
है
'दानिश'
इस
दिल
का
कोई
कोना
सुनसान
नहीं
आँसू
पी
कर
लिखते
हैं
हम
अपनी
ग़ज़ल
शायर
होना
इतना
भी
आसान
नहीं
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Danish Balliavi
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दिल
ये
क्यूँ
तड़पता
है
आपके
ही
जाने
से
मेरा
दिल
बहुत
ख़ुश
है
आपके
यूँँ
आने
से
Danish Balliavi
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