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Danish Balliavi
KHvaab men tujhse jab guftagoo ho gaii
KHvaab men tujhse jab guftagoo ho gaii | ख़्वाब में तुझ सेे जब गुफ़्तगू हो गई
- Danish Balliavi
ख़्वाब
में
तुझ
सेे
जब
गुफ़्तगू
हो
गई
ख़्वाहिशों
की
तरह
हूबहू
हो
गई
- Danish Balliavi
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गुलाब
ख़्वाब
दवा
ज़हर
जाम
क्या
क्या
है
मैं
आ
गया
हूँ
बता
इंतिज़ाम
क्या
क्या
है
Rahat Indori
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कि
तुमको
देखने
के
बाद
यारा
तुम्हारे
ख़्वाब
सब
देखा
करेंगे
Kaviraj " Madhukar"
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'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
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हर
एक
शख़्स
यहाँ
महव-ए-ख़्वाब
लगता
है
किसी
ने
हम
को
जगाया
नहीं
बहुत
दिन
से
Azhar Iqbal
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नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
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मेरे
भी
दिल
में
राख
उड़ती
है
तेरे
भी
ख़्वाब
इस
असर
में
हैं
Nusrat Zehra
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भरे
हुए
जाम
पर
सुराही
का
सर
झुका
तो
बुरा
लगेगा
जिसे
तेरी
आरज़ू
नहीं
तू
उसे
मिला
तो
बुरा
लगेगा
ये
आख़िरी
कंपकंपाता
जुमला
कि
इस
तअ'ल्लुक़
को
ख़त्म
कर
दो
बड़े
जतन
से
कहा
है
उस
ने
नहीं
किया
तो
बुरा
लगेगा
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Zubair Ali Tabish
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माना
कि
सब
के
सामने
मिलने
से
है
हिजाब
लेकिन
वो
ख़्वाब
में
भी
न
आएँ
तो
क्या
करें
Akhtar Shirani
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ऐसा
है
कि
सब
ख़्वाब
मुसलसल
नहीं
होते
जो
आज
तो
होते
हैं
मगर
कल
नहीं
होते
Ahmad Faraz
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ख़्वाब
पलकों
की
हथेली
पे
चुने
रहते
हैं
कौन
जाने
वो
कभी
नींद
चुराने
आए
मुझ
पे
उतरे
मेरे
अल्हाम
की
बारिश
बन
कर
मुझ
को
इक
बूॅंद
समुंदर
में
छुपाने
आए
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Khalil Ur Rehman Qamar
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दहशत-गर्दी
फैल
रही
है
अब
मज़हब
के
नारों
से
लोगों
को
मारा
जाता
है
गोली
से
हथियारों
से
कौन
है
रहबर
कौन
है
रहज़न
सबको
ख़बर
है
'दानिश'
अब
क़ातिल
को
ताक़त
मिलती
है
सत्ता
के
गलियारों
से
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Danish Balliavi
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जी
लगा
कर
के
पढ़ना
पड़ेगा
इल्म
हासिल
तो
करना
पड़ेगा
Danish Balliavi
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नफ़रतों
के
झंडों
को
अब
मुझे
गिराना
है
प्यार
के
चराग़ों
को
अब
मुझे
जलाना
है
Danish Balliavi
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उसको
देखने
की
बस
मुझको
आदत
है
सुन
लो
हरपल
उसकी
मेरी
ज़रूरत
है
मुश्किल
है
उसको
दिल
से
रुख़्सत
करना
'दानिश'
वो
बचपन
की
मेरी
मुहब्बत
है
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Danish Balliavi
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मेरे
हाथों
में
कुछ
शराफ़त
है
क्या
तुझे
छूने
की
जाँ
इजाज़त
है
क्या
Danish Balliavi
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