दिलमेरारूठचुकाहैयेमुहब्बतकेबग़ैर
जिस्मकमज़ोरहुआमेराबग़ावतकेबग़ैर
चोटलाज़िमहैमुहब्बतमेंज़मानेवालों
इकग़ज़लभीनमुकम्मलहैअज़ीयतकेबग़ैर
उसकीज़ुल्फ़ोंसेपताचलतीहैख़ूबीउसकी
लिखरहाहूँमैंग़ज़लउसकीज़ियारतकेबग़ैर
गुफ़्तगूहोगीअगररातमेंजान-ए-जानाँ
सोनहींसकताहूँमैंतेरीइजाज़तकेबग़ैर
इश्क़काकैसानशाचढ़गया'दानिश'तुझपर
उसकीता'रीफ़तूकरताहैहक़ीक़तकेबग़ैर