बहुतअपनेदिलकोदुखायाहैमैंने
इसीतरहसेज़ुल्मढ़ायाहैमैंने
किसीबे-वफ़ापेभरोसाजताकर
मुहब्बतमेंख़ुदकोजलायाहैमैंने
ज़मानेमेंदिलसिर्फ़तुझसेलगाकर
सनमज़हरख़ुदकोपिलायाहैमैंने
घरोंकीदीवारोंपेग़ज़लेंयूँँलिखकर
सलीक़ेसेग़मकोसजायाहैमैंने
उसेयादकरकेअकेलेमें'दानिश'
फ़क़तआँखसेख़ूँबहाएाहैमैंने