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Danish Balliavi
husn kisi ka dekh ke vehshat mat karna
husn kisi ka dekh ke vehshat mat karna | हुस्न किसी का देख के वहशत मत करना
- Danish Balliavi
हुस्न
किसी
का
देख
के
वहशत
मत
करना
यारों
तुम
सब
ख़ुद
से
बग़ावत
मत
करना
सब
कुछ
कर
लेना
इस
दुनिया
में
लेकिन
पापा
की
परियों
से
मुहब्बत
मत
करना
- Danish Balliavi
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भुला
पाना
बहुत
मुश्किल
है
सब
कुछ
याद
रहता
है
मोहब्बत
करने
वाला
इस
लिए
बर्बाद
रहता
है
Munawwar Rana
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किताब-ए-इश्क़
में
हर
आह
एक
आयत
है
पर
आँसुओं
को
हुरूफ़-ए-मुक़त्तिआ'त
समझ
Umair Najmi
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वो
जो
पहला
था
अपना
इश्क़
वही
आख़िरी
वारदात
थी
दिल
की
Pooja Bhatia
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
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फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
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ख़ुद-कुशी
जुर्म
भी
है
सब्र
की
तौहीन
भी
है
इस
लिए
इश्क़
में
मर
मर
के
जिया
जाता
है
Ibrat Siddiqui
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माना
के
मोहब्बत
का
छुपाना
है
मोहब्बत
चुपके
से
किसी
रोज़
जताने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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दौलतें
मुद्दा
बनीं
या
ज़ात
आड़े
आ
गई
इश्क़
में
कोई
न
कोई
बात
आड़े
आ
गई
Baghi Vikas
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किसी
के
इश्क़
में
बर्बाद
होना
हमें
आया
नहीं
फ़रहाद
होना
Manish Shukla
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तुम
से
क़ाबिल
बहुत
हैं
दुनिया
में
सबको
बर्बाद
यार
मत
समझो
तीन
और
चार
शे'र
कहने
से
ख़ुद
को
उस्ताद
यार
मत
समझो
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Danish Balliavi
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नफ़रतों
से
मुकर
के
देखो
तुम
मेरी
ख़ातिर
यूँँ
मर
के
देखो
तुम
इश्क़
का
हर
मज़ा
चखा
देंगे
मेरे
दिल
में
उतर
के
देखो
तुम
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Danish Balliavi
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अगर
आप
को
मुझ
से
कोई
मुहब्बत
नहीं
है
मुझे
गुफ़्तुगू
करने
की
भी
यूँँ
मोहलत
नहीं
है
Danish Balliavi
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मेरे
होंठों
के
तबस्सुम
में
ग़ज़ल
देखोगे
ये
मेरे
साथ
फ़क़त
आज
न
कल
देखोगे
कल
तलक
ख़्वाब
में
करता
था
मैं
जिसकी
तामीर
अब
से
कमरे
में
मेरे
ताज-महल
देखोगे
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Danish Balliavi
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आँखों
से
मेरे
अश्कों
के
बह
रहे
हैं
धारे
मैं
सिर्फ़
जी
रहा
हूँ
अल्लाह
के
सहारे
Danish Balliavi
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