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Danish Balliavi
badal ja tu nahin to rab ka ye paighaam aayega
badal ja tu nahin to rab ka ye paighaam aayega | बदल जा तू नहीं तो रब का ये पैग़ाम आएगा
- Danish Balliavi
बदल
जा
तू
नहीं
तो
रब
का
ये
पैग़ाम
आएगा
तू
ज़ालिम
हर
जगह
से
बेबस-ओ-नाकाम
आएगा
हमारे
मुल्क
की
बर्बादियों
का
ज़िक्र
जब
होगा
सर-ए-फ़ेहरिस्त
ऐ
ज़ालिम
तेरा
ही
नाम
आएगा
- Danish Balliavi
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रहता
है
इबादत
में
हमें
मौत
का
खटका
हम
याद-ए-ख़ुदा
करते
हैं
कर
ले
न
ख़ुदा
याद
Akbar Allahabadi
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जहान
वालों
से
कह
दो
यहाँ
से
हट
जाएँ
ख़ुदा
के
और
मेरे
दरमियाँ
से
हट
जाएँ
Siraj Faisal Khan
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जो
इक
ख़ुदा
नहीं
मिलता
तो
इतना
मातम
क्यूँँ
यहाँ
तो
कोई
मिरा
हम-ज़बाँ
नहीं
मिलता
Kaifi Azmi
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ज़िंदगी
अपनी
जब
इस
शक्ल
से
गुज़री
'ग़ालिब'
हम
भी
क्या
याद
करेंगे
कि
ख़ुदा
रखते
थे
Mirza Ghalib
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गुनाहगार
को
इतना
पता
तो
होता
है
जहाँ
कोई
नहीं
होता
ख़ुदा
तो
होता
है
Waseem Barelvi
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ख़ुदा
ने
फ़न
दिया
हमको
कि
लड़के
इश्क़
लिखेंगे
ख़ुदा
कब
जानता
था
हम,
ग़ज़ल
में
दर्द
भर
देंगे
Prashant Sharma Daraz
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तेरी
ख़ातिर
ख़ुदास
हम
दु'आ
करते
नहीं
करते
भला
हम
और
क्या
करते
Arohi Tripathi
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मेरी
दु'आ
है
और
इक
तरह
से
बद्दुआ
भी
है
ख़ुदा
तुम्हें
तुम्हारे
जैसी
बेटियाँ
अता
करे
Tehzeeb Hafi
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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बाक़ी
न
दिल
में
कोई
भी
या
रब
हवस
रहे
चौदह
बरस
के
सिन
में
वो
लाखों
बरस
रहे
Ameer Minai
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मैं
समाया
था
तिरे
दिल
में
भी
हिम्मत
कर
के
तू
मिरे
पास
भी
आता
था
यूँँ
ज़हमत
कर
के
Danish Balliavi
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वो
कभी
दर-ब-दर
नहीं
आती
मैं
जहाँ
हूँ
उधर
नहीं
आती
कोशिशें
लाख
मैं
भी
करता
हूँ
उसके
अंदर
सियर
नहीं
आती
ढूँढता
हूँ
मैं
भीड़
में
उसको
उसकी
सूरत
नज़र
नहीं
आती
हर
जगह
वो
बुलाती
है
मुझको
जाने
क्यूँ
मेरे
घर
नहीं
आती
याद
करती
है
वो
ज़रा
मुझको
ऐसी
कोई
ख़बर
नहीं
आती
दिल
मिरा
तोड़
के
वो
हँसती
है
शर्म
उसको
मगर
नहीं
आती
रहता
है
ख़ूब
मुंतज़िर
''दानिश''
अपने
वो
बाम
पर
नहीं
आती
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Danish Balliavi
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ये
हमेशा
हिमाकत
करूँँगा
देख
कर
मैं
इशारत
करूँँगा
मेरी
आँखें
है
तुझपे
फ़िदा
सो
मैं
तुझी
से
मुहब्बत
करूँँगा
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Danish Balliavi
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तुम
बदल
गए
तो
फिर
मैं
बदल
ही
जाऊँगा
इस
तरह
तुम्हारे
दिल
से
निकल
ही
जाऊँगा
Danish Balliavi
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अपने
महबूब
से
यूँँ
बिछड़ना
ये
भी
इक
प्यार
का
सिलसिला
है
इश्क़
के
नाम
पर
सिर्फ़
'दानिश'
ज़ख़्म
ही
ज़ख़्म
मुझको
मिला
है
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Danish Balliavi
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