sun raha hooñ der se dheemi si dastak ki sadaa | सुन रहा हूँ देर से धीमी सी दस्तक की सदा

  - Danish Farazi
सुनरहाहूँदेरसेधीमीसीदस्तककीसदा
कौनहोगाइसअँधेरीरातमें
होगाकोई
अजनबीराहीकीदस्तकतोनहीं
जोकिसीपुर-हौलसाएकेलपकतेक़हक़हेकीगूँजसे
बचकेनिकलाहैमेरेख़ाना-ए-तारीकतक
वाक़ईवहशत-ज़दाहोगाअगरराहीकोई
इसक़दरमोहतातसीआवाज़क्यूँँ
इसक़दरधीमीसीचाप
नीमकीशाख़ोंकेपीछेउफ़येकौंदेकीलपक
औरउड़तेअब्र-पारोंकीगरज
तेज़-रौआँधीकेक़दमोंकीयेभारीआहटें
तेज़बारिशकेहैंआसार-ए-मुहीब
भीगजाएगाकोई
बंददरवाज़ेकोअबतोखोलदेनाचाहिए
जानेफिरयेकौनअपनीसख़्तबाँहोंमें
जकड़ताहैमुझे
जानेक्यूँँरुकरुकगएमेरेअज़ाएमकेक़दम
कौनहैइसहजला-ए-तारीकमेंमेरेसिवा
जानताहूँमशरिक़ीरुख़परतिपाईकेक़रीब
शामकोजलतारहाआहिस्ताबोसीदाचराग़
अबवहाँतकजासकूँगाकिसतरह
साएबानोंसेपिघलतीबे-कराँज़ुल्मतकीरौ
बढ़गईहैतोड़करसारेहुदूद
चीख़करकिसकोपुकारूँकिसकोमैंआवाज़दूँ
नीमकीलर्ज़ीदाशाख़ोंमेंगरजताहैउफ़ुक़
शोरबढ़ताजारहाहैक्याकरूँँ
औरवोदस्तककीधीमीसीसदा
ग़ालिबनता-हश्रउभरेगीनहीं
क्याभयानकरातहै
  - Danish Farazi
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Good night Shayari

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