क्याख़बरथीमुन्हरिफ़अहल-ए-जहाँहोजाएँगे
होतेहोतेमेहरबाँना-मेहरबाँहोजाएँगे
मुस्कुराकरउनकामिलनाऔरबिछड़नारूठकर
बसयहीदोलफ़्ज़इकदिनदास्ताँहोजाएँगे
इश्क़सादिक़हैतोअपनेअज़्म-ए-मंज़िलकीक़सम
हरक़दमपरसाथलाखोंकारवाँहोजाएँगे
येमआल-ए-इश्क़होगायेकिसेमालूमथा
दिलकेनग़्मेंएकदिनआह-ओ-फ़ुग़ाँहोजाएँगे
गरतरन्नुमपरही'दानिश'मुनहसिरहैशा'इरी
फिरतोदुनियाभरकेशाइरनग़्मा-ख़्वाँहोजाएँगे