in aankhoñ ne kya kya tamasha na dekha | इन आँखों ने क्या क्या तमाशा न देखा

  - Dagh Dehlvi
इनआँखोंनेक्याक्यातमाशादेखा
हक़ीक़तमेंजोदेखनाथादेखा
तुझेदेखकरवोदुईउठगईहै
किअपनाभीसानीदेखादेखा
उनआँखोंकेक़ुर्बानजाऊँजिन्होंने
हज़ारोंहिजाबोंमेंपरवानादेखा
हिम्मतक़िस्मतदिलहैआँखें
ढूँडापायासमझादेखा
मरीज़ान-ए-उल्फ़तकीक्याबे-कसीहै
मसीहाकोभीचारा-फ़रमादेखा
बहुतदर्द-मंदोंकोदेखाहैतूने
येसीनायेदिलयेकलेजादेखा
वोकबदेखसकताहैउसकीतजल्ली
जिसइंसाननेअपनाहीजल्वादेखा
बहुतशोरसुनतेथेइसअंजुमनका
यहाँकेजोकुछसुनाथादेखा
सफ़ाईहैबाग़-ए-मोहब्बतमेंऐसी
किबाद-ए-सबानेभीतिनकादेखा
उसेदेखकरऔरकोफिरजोदेखे
कोईदेखनेवालाऐसादेखा
वोथाजल्वा-आरामगरतूनेमूसा
देखादेखादेखादेखा
गयाकारवाँछोड़करमुझकोतन्हा
ज़रामेरेआनेकारस्तादेखा
कहाँनक़्श-ए-अव्वलकहाँनक़्श-ए-सानी
ख़ुदाकीख़ुदाईमेंतुझसादेखा
तिरीयादहैयाहैतेरातसव्वुर
कभी'दाग़'कोहमनेतन्हादेखा
  - Dagh Dehlvi
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