thak jaata hooñ roz ke aane jaane men | थक जाता हूँ रोज़ के आने जाने में

  - Charagh Sharma
थकजाताहूँरोज़केआनेजानेमें
मेराबिस्तरलगवादोमय-ख़ानेमें
"उसकेहाथमेंफूलहै"मतकहिए,कहिए
उसकाहाथहैफूलकोफूलबनानेमें
मैंकबसेमौक़ेकीताकमेंहूँ,उसको
जानेमनकहदूँजानेअनजानेमें
आँखोंमेंमतरोक,मुझेजानाहैउधर
येरस्ताखुलताहैजिसतहख़ानेमें
  - Charagh Sharma
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy