बहार-ए-चश्मतिरेहुस्नकीबहारसेलूँ
शमीमलूँतोतिरीज़ुल्फ़-ए-मुश्क-बारसेलूँ
नहींहैकामकिसीग़ैरसेमुझेहरगिज़
जोकुछभीलूँतोयेलालचहैअपनेयारसेलूँ
मुझेहैकामइसीसेकिसीकोकबजानूँ
मिलेजोएकसेतोकिसलिएहज़ारसेलूँ
नहींलड़ीहैमिरीआँखदूसरेकीतरफ़
मज़ानज़ारेकाइसचश्म-ए-पुरख़ुमारसेलूँ
शब-ए-विसालमुयस्सरहैक्यूँँनऐ'शादाँ'
अयाग़बादा-ए-गुल-रंगगुल-इज़ारसेलूँ