hijaab ban ke vo meri nazar men rehta hai | हिजाब बन के वो मेरी नज़र में रहता है

  - Chandra Parkash Jauhar Bijnauri
हिजाबबनकेवोमेरीनज़रमेंरहताहै
मुझीसेपर्दाहैमेरेहीघरमेंरहताहै
कभीकिसीकातजस्सुसकभीख़ुदअपनीतलाश
अजीबदिलहैहमेशासफ़रमेंरहताहै
जिसेख़यालसेछूतेहुएभीडरताहूँ
इकऐसाहुस्नभीमेरीनज़रमेंरहताहै
जिसेकिसीसेकोईवास्तानहींहोता
सुकूँकेसाथवहीअपनेघरमेंरहताहै
जिसएकलम्हेसेसदियाँबदलतीजातीहैं
वोएकलम्हामुसलसलसफ़रमेंरहताहै
तमामशहरकोहैजिसपेनाज़'जौहर'
इकऐसाशख़्सहमारेनगरमेंरहताहै
  - Chandra Parkash Jauhar Bijnauri
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