हल्कीहल्कीबूँदेंबरसींपंछीकरेंकलोल
इसरुतमेंहैंअमृतसेभीमीठेपीकेबोल
जिसदिनउनसेमिलनहुआथाजीवनमेंरसबरसा
अबबिर्हानेजीवनरसमेंज़हरदियाहैघोल
महँगाईमेंहरइकशयकेदामहुएहैंदूने
मजबूरीमेंबिकेजवानीदोकौड़ीकेमोल
प्रेम-नगरकीसम्तचलाहैकविताकाइकराही
मनमेंआशादीपजलाकरघूँघटकेपटखोल
जिसदिनमहशरबरपाहोगाखुलजाएँगीआँखें
अक़्लकेअंधेगाँठकेपूरेमनकीआँखेंखोल
वक़्त-ए-सहरहैऔरचमनमेंशबनमचमकेऐसे
जैसेकिरनोंकेधागोंमेंमोतीहोंअनमोल