zabaan ko band karen ya mujhe aseer karen | ज़बाँ को बंद करें या मुझे असीर करें

  - Chakbast Brij Narayan
ज़बाँकोबंदकरेंयामुझेअसीरकरें
मिरेख़यालकोबेड़ीपिन्हानहींसकते
येकैसीबज़्महैऔरकैसेउसकेसाक़ीहैं
शराबहाथमेंहैऔरपिलानहींसकते
येबेकसीभीअजबबेकसीहैदुनियामें
कोईसताएहमेंहमसतानहींसकते
कशिशवफ़ाकीउन्हेंखींचलाईआख़िर-कार
येथारक़ीबकोदा'वावोनहींसकते
जोतूकहेतोशिकायतकाज़िक्रकमकरदें
मगरयक़ींतिरेवा'दोंपेलानहींसकते
चराग़क़ौमकारौशनहैअर्शपरदिलके
उसेहवाकेफ़रिश्तेबुझानहींसकते
  - Chakbast Brij Narayan
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