yuva | "युवा"

  - BINDESH KUMAR JHA
"युवा"
यहजोगोराबदनथा
अबवोकालापड़गया
यहजोमुलायमपैरथा
आजउसमेंछालापड़गया
माथेपरपसीनाहै
जिसकाकारणकभीबदलतामौसमथा
आजउसीपसीनेकाकारण
मेहनतसेभरातनथा
कलजहाँहरकामको
करनेकेलिएबहानाथा
आजउसीकामकोकरनाहै
क्योंकिहमेंपैसेकमानाथा
जोकलथा
वोआजनहींहै
हमजहाँकलथे
आजहमऔरकहींहैं
  - BINDESH KUMAR JHA
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