apna hi ghar samajhta raha us makaan ko | अपना ही घर समझता रहा उस मकान को

  - Bhuwan Singh
अपनाहीघरसमझतारहाउसमकानको
परवाहतारेकीथीपरआसमानको
बर्बादकरकेउम्रमिरीउसनेयेकहा
बसतुमनहींपसंदमिरेख़ानदानको
वोसारेफूलतोड़गयाउसकोकुछनहीं
सबनेबुराकहाभीतोबसबाग़बानको
उसकोपताथामुझकोमोहब्बतहैइसलिए
वोछेड़ताथाज़ख़्मकेहरइकनिशानको
वोकारोबारकरताहैअबरोज़इश्क़का
अबरोज़वोसजाताहैअपनीदुकानको
  - Bhuwan Singh
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