hai ajeeb shahar ki zindagi na safar raha na qayaam hai | है अजीब शहर की ज़िंदगी न सफ़र रहा न क़याम है

  - Bashir Badr
हैअजीबशहरकीज़िंदगीसफ़ररहाक़यामहै
कहींकारोबारसीदोपहरकहींबद-मिज़ाजसीशामहै
यूँँहीरोज़मिलनेकीआरज़ूबड़ीरख-रखावकीगुफ़्तुगू
येशराफ़तेंनहींबे-ग़रज़इसेआपसेकोईकामहै
कहाँअबदु'आओंकीबरकतेंवोनसीहतेंवोहिदायतें
येमुतालबोंकाख़ुलूसहैयेज़रूरतोंकासलामहै
वोदिलोंमेंआगलगाएगामैंदिलोंकीआगबुझाऊंगा
उसेअपनेकामसेकामहैमुझेअपनेकामसेकामहै
उदासहोमलालकरकिसीबातकाख़यालकर
कईसालबा'दमिलेहैंहमतिरेनामआजकीशामहै
कोईनग़्माधूपकेगाँवसाकोईनग़्माशामकीछाँवसा
ज़राइनपरिंदोंसेपूछनायेकलामकिसकाकलामहै
  - Bashir Badr
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