zindagi ke naam par ghut ghutke marna chhod de | ज़िन्दगी के नाम पर घुट घुटके मरना छोड़ दे

  - Dharmesh bashar
ज़िन्दगीकेनामपरघुटघुटकेमरनाछोड़दे
ख़्वाबसेकहिएकिताबीरोंकापीछाछोड़दे
वोसरापागुलअगरमुझकोअकेलाछोड़दे
मेरीग़ज़लोंमेंगुल-ए-नग़्मामहकनाछोड़दे
कबसेदरवाज़ेपेदस्तकदेरहीहैज़िन्दगी
ग़म-ए-जानाँमुझेकुछदेरतन्हाछोड़दे
इसीपरमुत्तफ़िक़होलेंरक़ीब-ए-रू-सियाह
मैंभीसहराछोड़ताहूँतूभीलैलाछोड़दे
सोचकीगलियोंमेंरातेंठोकरेंखातीफिरें
उसदरीचेसेअगरमहताबउगनाछोड़दे
अपनेहीझोंकोंसेबुझजाएयेअपनादिया
लाकेसमपरअबमिरेगीतोंकोलहराछोड़दे
जिसकीफ़ितरतमेंहोहुस्न-ए-अनाकाबाँकपन
वोक़बीलेसेनिकलजाएक़बीलाछोड़दे
अबतोकरनाहीपड़ेगाफ़ैसलातुझको'बशर'
यातोघरकोघरसमझयाघरकारस्ताछोड़दे
  - Dharmesh bashar
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