koii ham-raaz na niklaa na shanaasa niklaa | कोई हम-राज़ न निकला न शनासा निकला

  - Dharmesh bashar
कोईहम-राज़निकलाशनासानिकला
मैंभरीबज़्ममेंकरभीअकेलानिकला
वोहीतपताहुआमाहौलवोहीगर्द-ओ-ग़ुबार
अबकेदोस्ततिराशहरभीसहरानिकला
तुझसेभीदूरज़मानेकेतक़ाज़ोंसेभीदूर
तेरादीवानाज़रादेखकहाँजानिकला
मुद्दतोंबादकहींजा-ए-अमाँपाईथी
मैंजोपहुँचातोतिराइश्क़वहींनिकला
आजकुछऔरहीअंदाज़सेतूयादआया
दिलमेंतूफ़ानउठाआँखसेदरियानिकला
वोदिखाईभीदियातोपस-ए-चिलमनयारो
चाँदनिकलातोमगरयारअधूरानिकला
आसमानोंमेंभीइकहूकउठेगीजैसे
शोरसीनेसेमिरेकोईअभीनिकला,निकला
थीजहाँशम'अवहाँख़ाकहैपरवानेकी
क्याभलाइश्क़जतानेकानतीजानिकला
उम्रभरजिसकीख़ुदाईमिराईमानरही
ग़ौरसेदेखातोइकख़ाककापुतलानिकला
सुन'बशर'पहलेभीइसखेलकेमाहिरथेकई
कोई'ग़ालिब',कोई'मोमिन',कोई'इन्शा'निकला
  - Dharmesh bashar
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