kisi ka vaqt yuñ ta-zindagi yaksaan nahin hota | किसी का वक़्त यूँँ ता-ज़िन्दगी यकसाँ नहीं होता

  - Dharmesh bashar
किसीकावक़्तयूँँता-ज़िन्दगीयकसाँनहींहोता
किसूरजभीतोदिनभरएकसाताबाँनहींहोता
मुसलसलसख़्तराहोंसेगुज़रनाऔरगुमहोना
समुंदरतकयेदरियाकासफ़रआसाँनहींहोता
होमौसमकोईभीज़ख़्मोंकेगुलखिलतेहीरहतेहैं
मुहब्बतमेंचमनदिलकाकभीवीराँनहींहोता
यहाँआतेहैंग़मतोमुस्तक़िलरहनेकोआतेहैं
मिरेदिलकेशबिस्ताँमेंकोईमेहमाँनहींहोता
फ़क़तइकसिलसिलाहैआँसुओंकाऔरआहोंका
हमारीदास्तानोंकाकोईउन्वाँनहींहोता
येक्याकमहैमुझेइनआफ़तोंनेबख़्शदीहिम्मत
हवाएँगरहोंतोफिर'बशर'तूफ़ाँनहींहोता
  - Dharmesh bashar
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