roz kahaan se koii naya-pan apne aap men laayenge | रोज़ कहाँ से कोई नया-पन अपने आप में लाएँगे

  - Bashar Nawaz
रोज़कहाँसेकोईनया-पनअपनेआपमेंलाएँगे
तुमभीतंगजाओगेइकदिनहमभीउक्ताजाएँगे
चढ़तादरियाएकइकदिनख़ुदहीकिनारेकाटेगा
अपनेहँसतेचेहरेकितनेतूफ़ानोंकोछुपाएँगे
आगपेचलतेचलतेअबतोयेएहसासभीखोबैठे
क्याहोगाज़ख़्मोंकामुदावादामनकैसेबचाएँगे
वोभीकोईहमहीसामासूमगुनाहोंकापुतलाथा
नाहक़उससेलड़बैठेथेअबमिलजाएमनाएँगे
इसजानिबहमउसजानिबतुमबीचमेंहाइलएकअलाव
कबतकहमतुमअपनेअपनेख़्वाबोंकोझुलसाएँगे
सरमाकीरुतकाटकेआनेवालेपरिंदोंयेतोकहो
दूरदेसकोजानेवालेकबतकलौटकेआएँगे
तेज़हवाएँआँखोंमेंतोरेतदुखोंकीभरहीगईं
जलतेलम्हेरफ़्तारफ़्तादिलकोभीझुलसाएँगे
महफ़िलमहफ़िलअपनात'अल्लुक़आजहैइकमौज़ू-ए-सुख़न
कलतकतर्क-ए-त'अल्लुक़केभीअफ़्सानेबनजाएँगे
  - Bashar Nawaz
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