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Banne Miyan Jauhar
main hooñ chahakne waali bulbul
main hooñ chahakne waali bulbul | मैं हूँ चहकने वाली बुलबुल
- Banne Miyan Jauhar
मैं
हूँ
चहकने
वाली
बुलबुल
मेरे
लिए
ही
खिलते
हैं
गुल
गीत
सुनाती
हूँ
फूलों
को
गले
लगाती
हूँ
फूलों
को
आवाज़
ऐसी
सुरीली
पाई
मेरी
बोली
सब
को
भाई
दम
फूलों
का
भरती
हूँ
मैं
फूलों
पर
ही
मरती
हूँ
मैं
मेरे
लय
हर
इक
को
भाई
ख़ुश
है
मुझ
से
सारी
ख़ुदाई
शाइ'र
हैं
मशरिक़
में
जितने
गुन
गाते
हैं
सब
ही
मेरे
ज़ाहिर
में
हूँ
छोटी
लेकिन
सारा
चमन
सूना
है
मुझ
बिन
लड़को
तुम
तो
ख़ुद
हो
दाना
भेद
ये
क्या
अब
तुम
को
बताना
मेरी
सदा
दिलकश
है
जो
इतनी
बात
बड़ी
इस
में
नहीं
कोई
दी
है
ये
ने'मत
मुझ
को
ख़ुदा
ने
मोह
लिए
दिल
मेरी
सदा
ने
कौन
ख़ुदा
वो
सब
का
मौला
जिस
ने
इस
दुनिया
को
बनाया
मेंह
बरसाया
पौदे
उगाए
रंग-बिरंगे
फूल
खिलाए
जिन
की
भीनी
भीनी
बू
से
जंगल
महके
गुलशन
महके
है
वो
दो-आलम
का
रखवाला
कहते
हैं
जिस
को
बारी-तआ'ला
हम
सब
का
मालिक
वो
ख़ुदा
है
माँ
बाप
और
भाई
से
सिवा
है
गाती
हूँ
गीत
उस
के
हर
दम
जिस
ने
बनाया
है
ये
आलम
गीत
उसी
के
तुम
भी
गाओ
अपने
रब
को
भूल
न
जाओ
'जौहर'
फिर
दुनिया
है
तुम्हारी
सुनता
है
सब
कुछ
वो
हमारी
फ़ज़्ल
ख़ुदा
का
जब
हो
जाए
जो
माँगे
इंसान
वो
पाए
- Banne Miyan Jauhar
उन
के
होने
से
बख़्त
होते
हैं
बाप
घर
के
दरख़्त
होते
हैं
Unknown
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माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
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और
फिर
एक
दिन
बैठे
बैठे
मुझे
अपनी
दुनिया
बुरी
लग
गई
जिसको
आबाद
करते
हुए
मेरे
मां-बाप
की
ज़िंदगी
लग
गई
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Tehzeeb Hafi
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बीस
बरस
तक
बाप
उधड़ता
है
थोड़ा
थोड़ा
तब
सिलता
है
इक
बेटी
की
शादी
का
जोड़ा
Tanoj Dadhich
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घर
लौट
के
रोएँगे
माँ
बाप
अकेले
में
मिट्टी
के
खिलौने
भी
सस्ते
न
थे
मेले
में
Qaisar-ul-Jafri
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वो
वक़्त
और
थे
कि
बुज़ुर्गों
की
क़द्र
थी
अब
एक
बूढ़ा
बाप
भरे
घर
पे
बार
है
Moin Shadab
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कुछ
बेटियाँ
बिन
बाप
के
भी
काटती
हैं
ज़िंदगी
कुछ
बेटियों
के
सिर
पे
दोनों
हाथ
माँ
के
होते
हैं
Bhoomi Srivastava
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हमें
पढ़ाओ
न
रिश्तों
की
कोई
और
किताब
पढ़ी
है
बाप
के
चेहरे
की
झुर्रियाँ
हम
ने
Meraj Faizabadi
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मुद्दत
के
बाद
ख़्वाब
में
आया
था
मेरा
बाप
और
उसने
मुझ
सेे
इतना
कहा
ख़ुश
रहा
करो
Abbas Tabish
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किस
शफ़क़त
में
गुँधे
हुए
मौला
माँ
बाप
दिए
कैसी
प्यारी
रूहों
को
मेरी
औलाद
किया
Anjum Saleemi
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