sadiyon ka karb lamhon ke dil men basa diya | सदियों का कर्ब लम्हों के दिल में बसा दिया

  - Balraj Hayat
सदियोंकाकर्बलम्होंकेदिलमेंबसादिया
पलभरकीज़िंदगीकोदवामीबनादिया
दीवारमेंवोचुनहीरहाथामुझेमगर
कम-बख़्तएकसंगकहींमुस्कुरादिया
जबऔरकोईमद्द-ए-मुक़ाबिलनहींरहा
मेरीअनानेमुझकोमुझीसेलड़ादिया
मुझसेपूछकलकेमुहक़क़िक़सेपूछना
शो'लोंकेलम्सनेमुझेक्यूँँयख़बनादिया
यादोंकेशहरमेंभी'हैरत'सुकूँमिला
हालातनेमिज़ाजकुछऐसाबनादिया
  - Balraj Hayat
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