ye kis ki yaad ka dil par rafu tha | ये किस की याद का दिल पर रफ़ू था

  - Bakul Dev
येकिसकीयादकादिलपररफ़ूथा
किबहजानेपेआमादालहूथा
चमकतेहैंजोपत्थरसेयहाँअब
उन्हींपलकोंमेंसैल-ए-आबजूथा
कशिशतुझसीथीतेरेग़मोंमें
लब-ओ-लहजामगरहाँहू-ब-हूथा
उजालेसीकोईशयबचगईथी
उसइकलम्हेमेंजबमैंथातूथा
थमीइकनब्ज़तोउक़्दाखुलाये
ख़मोशीकासरापाहा-ओ-हूथा
मिलेअबकेतोरोएटूटकरहम
गुनाहअपनीसज़ाकेरू-ब-रूथा
कभीख़ुशबूहुआकरतेथेहमभी
कभीक़िस्साहमाराकू-ब-कूथा
  - Bakul Dev
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