baar-e-deegar ye falsafe dekhooñ | बार-ए-दीगर ये फ़लसफ़े देखूँ

  - Bakul Dev
बार-ए-दीगरयेफ़लसफ़ेदेखूँ
ज़ख़्मफिरसेहरे-भरेदेखूँ
येबसीरतअजबबसीरतहै
आइनोंमेंभीआइनेदेखूँ
ज़ावियोंसेअगरनजातमिले
सारेमंज़रघुले-मिलेदेखूँ
नज़्मकरनाहैबे-हिसाबीको
लफ़्ज़सारेनपे-तुलेदेखूँ
आख़िरआख़िरजोदास्ताँबने
अव्वलअव्वलवोवाक़िएदेखूँ
दूरियाँधुँदबनकेबिखरीहैं
कुछक़रीबकिफ़ासलेदेखूँ
एकनश्शाहैख़ुद-नुमाईभी
जोयेउतरेतोफिरतुझेदेखूँ
लेगयावोबची-खुचीनींदें
ख़्वाबकैसेरहे-सहेदेखूँ
रातफैलीहुईहैमीलोंतक
क्याचराग़ोंकेदाएरेदेखूँ
  - Bakul Dev
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