ham gham-e-zamaana se yuñ nazar milaayenge | हम ग़म-ए-ज़माना से यूँँ नज़र मिलाएँगे

  - Badar Jamali
हमग़म-ए-ज़मानासेयूँँनज़रमिलाएँगे
मुश्किलेंपड़ेंगीजबऔरमुस्कुराएँगे
फिरबहारआएगीफूलमुस्कुराएँगे
फिरजुनूँकेअफ़्सानेहमकोयादआएँगे
ज़ाहिरीतपाकउनकादेगयाहमेंधोका
येसमझरहेथेहमदिलसेदिलमिलाएँगे
आसमाँकेसहपारोतेज़-गामसय्यारो
अन-क़रीबतुमसेभीहमक़दममिलाएँगे
जादुईख़िरदहैवोयेजुनूँकीमंज़िलहै
तुमइधरआओगेहमउधरजाएँगे
वोहज़ारठुकराएहमसेरूठभीजाए
ज़िंदगीकोख़ुदबढ़करहमगलेलगाएँगे
आजतो'जमाली'कोबज़्मसेउठातेहैं
एकदिनज़रूरउसकोआपफिरबुलाएँगे
  - Badar Jamali
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