sar-e-sehra-e-jaan ham chaak-damaani bhi karte hain | सर-ए-सहरा-ए-जाँ हम चाक-दामानी भी करते हैं

  - Aziz Nabeel
सर-ए-सहरा-ए-जाँहमचाक-दामानीभीकरतेहैं
ज़रूरतपड़ेतोरेतकोपानीभीकरतेहैं
कभीदरियाउठालातेहैंअपनीटूटीकश्तीमें
कभीइकक़तरा-ए-शबनमसेतुग़्यानीभीकरतेहैं
कभीऐसाकिआँखोंमेंनहींरखतेहैंकोईख़्वाब
कभीयूँँहैकिख़्वाबोंकीफ़रावानीभीकरतेहैं
हमेशाआपकाहरहुक्मसरआँखोंपेरखतेहैं
मगरयेयादरखिएगाकिमन-मानीभीकरतेहैं
मियाँतुमदोस्तबनकरजोहमारेसाथकरतेहो
वहीसबकुछहमारेदुश्मन-ए-जानीभीकरतेहैं
येक्याक़ातिलहैं,पहलेक़त्लकरतेहैंमोहब्बतका
फिरउसकेब'अदइज़हार-ए-पशेमानीभीकरतेहैं
तुझेतामीरकरलेनातोइकआसानसाफ़नहै
रिफ़ाक़तकेमहल!हमतेरीदरबानीभीकरतेहैं
  - Aziz Nabeel
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