milte julte hain yahaañ log zaroorat ke li.e | मिलते जुलते हैं यहाँ लोग ज़रूरत के लिए

  - Azhar Nawaz
मिलतेजुलतेहैंयहाँलोगज़रूरतकेलिए
हमतिरेशहरमेंआएहैंमोहब्बतकेलिए
वोभीआख़िरतिरीता'रीफ़मेंहीख़र्चहुआ
मैंनेजोवक़्तनिकालाथाशिकायतकेलिए
मैंसिताराहूँमगरतेज़नहींचमकूँगा
देखनेवालेकीआँखोंकीसुहूलतकेलिए
तुमकोबतलाऊँकिदिनभरवोमिरेसाथरहा
हाँवहीशख़्सजोमशहूरहैउजलतकेलिए
सरझुकाएहुएख़ामोशजोतुमबैठेहो
इतनाकाफ़ीहैमिरेदोस्तनदामतकेलिए
वोभीदिनआएकिदहलीज़पेकर'अज़हर'
पाँवरुकतेहैंमिरेतेरीइजाज़तकेलिए
  - Azhar Nawaz
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