उसलबकीख़ामुशीकेसबबटूटताहूँमैं
दस्त-ए-दुआ'मेंरक्खाहुआआइनाहूँमैं
अबजाकेहोसकेगीमोहब्बतवसूक़से
ख़ुदसेबिछड़तेवक़्तकिसीसेमिलाहूँमैं
आबादहैख़ज़ानेकीअफ़्वाहसेवजूद
मतरूकजंगलोंकाकोईरास्ताहूँमैं
दस्तारकाग़ज़ीहैफ़ज़ीलतहैनामकी
छोटोंकीमेहरबानीसेघरमेंबड़ाहूँमैं
रोकरनसोयाजाएतोक्यानींदकाजवाज़
बिस्तरकीहरशिकनमेंपड़ाजागताहूँमैं
हूँअपनीरौशनीकीअज़िय्यतमेंमुब्तला
जलताहुआचराग़हूँउल्टापड़ाहूँमैं