yaad | याद

  - ABHISHEK RANJAN
याद
मुझकोतेरीयादोंनेबर्बादकिया
हरपलतेरेपासमेंलेकरजातीहैं
यादोंकोबोलोकिमुझतकमतआऍं
आतीहैंतोफिरयेबड़ारुलातीहैं
आजभीउनगलियोंसेकभीगुज़रताहूँ
ऐसालगताहैमानोहाॅंसाथमेंहो
हाथपकड़केमेरामुझसेेकहतीहों
देखोमुझकोवोकपड़ेदिलवाओना
रंजनमुझकोउलझनमेंतुमलगतेहो
बोलोमुझकोराज़कीबातबताओना
अच्छाबाबासॉरीमेरीग़लतीहै
अपनीग़ज़लसेकोईशे'रसुनाओभी
देखोमुझकोतुम्हारीउदासीखातीहै
मुझकोदेखोऔरअधिकतड़पाओमत
हाथपकड़केमुझकोकिसीनेखींचाथा
तबजानाकीयादोंकावोसपनाथा
जोथामेरावोक्यामेराअपनाथा
वहीजगहथीजहाँपेअंतिमबारमिले
उनवादोंकोदेखोअबतकनिभारहा
तन्हाअपनाजीवनदेखोबितारहामैं
यादोंकोअपनेजीवनमेंडालाहै
उनयादोंकोदेखोकैसेपालाहै
ऐसालगताहैमानोहाँसाथमेंहो
जोबोलूँजोसोचूँहरइकबातमेंहो
रंजनतुमकोकाममेराएककरनाहै
मुझकोउनकीयादोंसेअबदूरकरो
  - ABHISHEK RANJAN
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