apnon ke hi to zaKHm hai kisko khabar hai ye | अपनों के ही तो ज़ख़्म है किसको ख़बर है ये

  - ABHISHEK RANJAN
अपनोंकेहीतोज़ख़्महैकिसकोख़बरहैये
मेरीग़ज़लयेशा'इरीतुमकोनज़रहैये
दिलकोचुरानेवालेमुझेबोलतेनहीं
कैसाक़ज़ाकहैभलाकिसकाअसरहैये
साहिरकोचाहिएकिहोखेलाकमालहो
जादूगरीहीइश्क़हैकैसाभँवरहैये
जाँखेलतेथेबाज़ीहाँबालकक़रीबसे
पतझड़महज़नसीबमेंऐसाशजरहैये
'रंजन'तुम्हारेप्यारमेंआएगाक्याकोई
दौलतकेज़ोरपरसभीउसकाअसरहैये
  - ABHISHEK RANJAN
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