zindagi aankh ke parde pe utar aayi hai | ज़िंदगी आँख के परदे पे उतर आई है

  - Aves Sayyad
ज़िंदगीआँखकेपरदेपेउतरआईहै
इसकीतस्वीरमेंबसज़िल्लत-ओ-रुस्वाईहै
इतनेबरसोंसेबदलतीहुईक़ुदरतदेखो
सबतमाशेहैंमगरएकतमाशाईहै
उम्रभरपस्तरहाऔरहुआआवेज़ाँ
परदिल-ए-ज़ारमेंउलफ़तकीतवानाईहै
फ़िक्र-ए-दुनियामेंहैसरअपनाझुकाएबैठे
मस्तलोगोंसेकहाँअपनीशनासाईहै
अबज़रामुझकोबताझूठबतानेवाले
मेरीबातोंमेंभलाकितनीहीसच्चाईहै
जबथाकोईख़लामेंमेरेफ़ाज़िलतोफिर
किससेजाकरमेरीआवाज़येटकराईहै
तनबदनपरमेरेवहशतकाठिकानाजैसे
मेरीजागीरमेराजिस्मयेसहराईहै
मेरीदुनियामेंतोचश्मोंकेसिवाकुछभीनहीं
तेरीदुनियामेंतोबीनाईसीबीनाईहै
यादतोयादहैतूभीचलीआईआख़िर
कमरेमेंहर-सूमगरआलम-ए-तन्हाईहै
कुछतोनाज़ुकसेहैहालातउधरभीयारों
उसकेलहजेमेंखनकऔरवोघबराईहै
हाथमेंपाँचनगीनोंकीअँगूठीदेखी
मौसमोंनेउसेजोप्यारसेपहनाईहै
मौततोक्याहीहैकुछऔरहो'सय्यद'कीसज़ा
मग़्ज़-ए-सरआलम-ए-फानीकातमन्नाईहै
  - Aves Sayyad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy