ranj-o-alam ke koi masaail nahin rahe | रंज-ओ-अलम के कोई मसाइल नहीं रहे

  - Aves Sayyad
रंज-ओ-अलमकेकोईमसाइलनहींरहे
जबज़िंदगीमेंकोईमुमासिलनहींरहे
जोभीकियाब-शर्तवोअंजामतककिया
मारेगएप'तीरकेघाइलनहींरहे
देखाकरेरक़ीबयेहुस्न-ओ-अदातेरी
हमतोकिसीगुनाहकेक़ाइलनहींरहे
औरबातउनकेदिलसेनिकालेगएमगर
वोभीहमारेनामसेकामिलनहींरहे
देखाहैतेरेबादइन्हेंरखकेहरजगह
येदुखकिसीबदनमेंभीशामिलनहींरहे
अबआँखभीनिकालदीचलवोदिखामुझे
जोख़्वाबमेरीआँखकेक़ाबिलनहींरहे
खेंचीहैंउसनेकैसीयेदरियामेंसरहदें
इकदूसरेकेजैसेहैंपरमिलनहींरहे
सय्यदकिसीवजहसेदरख़्तोंसेहोगए
सय्यदकिसीकेहुक्मसेहमहिलनहींरहे
  - Aves Sayyad
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