sanam mujhko kisi kii aankh ka taara nahin banna | सनम मुझको किसी की आँख का तारा नहीं बनना

  - Aman Vishwakarma 'Avish'
सनममुझकोकिसीकीआँखकातारानहींबनना
मुझेबननासमुंदरहैमगरखारानहींबनना
नज़ाकतसेफँसाकेदिलबुरावोहालकरदेते
बनूँअगलेजनमकुछभीअदाकारानहींबनना
बुझादेआगचूल्हेकीपड़ोसीदेखकेमुखड़ा
जलादेघरअनाकीआगअंगारानहींबनना
ऐसाहोकहींकोईकभीकॉलरपकड़जाए
कभीभीआदमीइतनामुझेप्यारानहींबनना
चराग़ोंनेमुझेदीदानमेंआज़ादचिंगारी
उगूँबनचाँदनीसीरातअँधियारानहींबनना
  - Aman Vishwakarma 'Avish'
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