kisi ka gham uthaana haan chunauti hai | किसी का ग़म उठाना हाँ चुनौती है

  - Muhammad Asif Ali
किसीकाग़मउठानाहाँचुनौतीहै
किसीकोअबहँसानाहाँचुनौतीहै
अड़ाहैइससज़ाकेसामनेसचभी
मगरहरकतबतानाहाँचुनौतीहै
तूनेबेचीहज़ारोंज़िंदगीहोपर
तुझेझूठाफँसानाहाँचुनौतीहै
सर-ए-बाज़ारतुझकोमैंझुकाऊँगा
यहाँतुझकोझुकानाहाँचुनौतीहै
नज़रसेतोतेरीकोईबचाहीक्या
यहाँकुछभीछिपानाहाँचुनौतीहै
अनातेरीयहाँसबकोसजादेगी
तेरीआदतहटानाहाँचुनौतीहै
बताक्याक्यासभीकोबोलनाहैअब
वहाँउनकोबतानाहाँचुनौतीहै
बुनाहैख़ुदपिटारासाँपकाउसने
नशाउसकामिटानाहाँचुनौतीहै
कितेरेसामने'आसिफ़'ज़मानाहै
यहाँउसकोसतानाहाँचुनौतीहै
  - Muhammad Asif Ali
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