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Abdulla Asif
usii kii yaad aati hai
usii kii yaad aati hai | उसी की याद आती है
- Abdulla Asif
उसी
की
याद
आती
है
वही
जो
भूल
जाती
है
अदावत
भी
मुहब्बत
से
हमेशा
ख़ौफ़
खाती
है
सुना
वो
बे-वफ़ा
लड़की
मुहब्बत
भी
सिखाती
है
दु'आ
गर
अर्श
से
लौटे
अक़ीदत
लड़खड़ाती
है
अदावत
के
तक़ाज़ों
में
मुहब्बत
पहले
आती
है
- Abdulla Asif
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सियासत
के
चेहरे
पे
रौनक़
नहीं
ये
औरत
हमेशा
की
बीमार
है
Shakeel Jamali
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दूसरी
कोई
लड़की
ज़िंदगी
में
आएगी
कितनी
देर
लगती
है
उस
को
भूल
जाने
में
Bashir Badr
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बिछड़ते
वक़्त
भी
हिम्मत
नहीं
जुटा
पाया
कभी
भी
उस
को
गले
से
नहीं
लगा
पाया
किसी
को
चाहते
रहने
की
सज़ा
पाई
है
मैं
चार
साल
में
लड़की
नहीं
पटा
पाया
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Shadab Asghar
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दौलत
शोहरत
बीवी
बच्चे
अच्छा
घर
और
अच्छे
दोस्त
कुछ
तो
है
जो
इन
के
बाद
भी
हासिल
करना
बाक़ी
है
कभी-कभी
तो
दिल
करता
है
चलती
रेल
से
कूद
पड़ूॅं
फिर
कहता
हूॅं
पागल
अब
तो
थोड़ा
रस्ता
बाक़ी
है
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Zia Mazkoor
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पुराने
ख़तों
को
जला
देने
से
गर
मुहब्बत
जले
आग
मैं
भी
लगाऊँ
Bhoomi Srivastava
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ट्यूशन
में
इक
ऐसी
लड़की
होती
है
जिसकी
कॉपी
सबको
लेनी
होती
है
Dhaval Solanki
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मौत
आए
तो
कुछ
पल
पहले
पता
चले
फ़ोन
लगाना
है
मुझको
इक
लड़की
को
Tanoj Dadhich
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सामने
वो
यूँँ
मिरे
डब्बा
टिफ़िन
का
रखती
थी
जैसे
थाली
खाने
की
बीवी
लगाकर
देती
है
Aarush Sarkaar
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हम
सेे
भी
इक
लड़की
मिलने
आती
थी
हम
भी
शाम
को
कैफ़े
जाया
करते
थे
Tanoj Dadhich
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मुत्तकी
हो
गया
ख़ौफ़-ए-बीवी
से
मैं
अब
इबादत
का
सौदा
मेरे
सर
में
है
मैंने
दाढ़ी
बढ़ाई
तो
कहने
लगी
अब
कमीना
ये
हूरों
के
चक्कर
में
है
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Paplu Lucknawi
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कभी
साहिल
कभी
दरिया
कभी
मझधार
से
खेलो
भरोसा
बाज़ुओं
पर
है
तो
फिर
पतवार
से
खेलो
तक़ाज़ा
आशिक़ी
का
हो
तो
सर
क्या
दिल
झुका
देना
मगर
ग़ैरत
पे
आँच
आए
तो
फिर
तलवार
से
खेलो
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Abdulla Asif
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हैरान
भी
बहुत
हैं
परेशान
भी
बहुत
यूँँ
लग
रहा
है
जैसे
हैं
अहल-ए-ग़दीर
हम
ये
राज़
खुलने
वाला
है
दुनिया
पे
जल्द
ही
साकित
है
वक़्त
और
हैं
हरकत-पज़ीर
हम
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Abdulla Asif
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इतना
कमज़ोर
है
मेरा
दुश्मन
उस
से
डरने
में
शर्म
आती
है
इतनी
आसान
हों
सज़ाएँ
तो
जुर्म
करने
में
शर्म
आती
है
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Abdulla Asif
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ख़ता
ऐसी
भी
क्या
कर
दी
जहन्नम
ने
जहन्नम
को
जहन्नम
क्यूँ
मिली
आख़िर
Abdulla Asif
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नींद
से
रिश्ता
न
पहले
था
न
है
आज
मुझे
उसके
क़ासिद
तो
कई
बार
बुलाने
आए
Abdulla Asif
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