दिल के दरबार में आता हूँ क़सीदे ले कर

  - Abdulla Asif
दिलकेदरबारमेंआताहूँक़सीदेलेकर
लौटजाताहूँउमीदोंकेलिफ़ाफ़ेलेकर
टॉफ़ियाँबेचरहेहैंयहाँनन्हेंबच्चे
औरमैंबाज़ारमेंआयाहूँखिलौनेलेकर
उसकीसूरतसेशिफ़ापातेहैंबीमार-ए-शहर
घरकोजातेहैंतबीबअपनेख़सारेलेकर
तज़्किराअपनीवफ़ाओंकाबहुतकरतीहो
मरजाऊँकहींएहसानतुम्हारेलेकर
क़त्लकरनेसेभीबदलामेरापूराहुआ
फिरसेमक़्तलचलाजाऊँजनाज़ेलेकर
इकसमुंदरनेकिनारोंकीशिकायतसुनी
तश्ना-लबउतरेहैंपानीमेंसफ़ीनेलेकर
बातजबहीगईहैतोकहेदेतेहैं
आपतोजीतेहैंएहसानहमारेलेकर
  - Abdulla Asif
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy