रात ढलती हुई दिन दमकता हुआ

  - Ashutosh Tiwari
रातढलतीहुईदिनदमकताहुआ
बाग़बाँजैसेकोईचहकताहुआ
चांदनीरातथीएकमहकीहुई
हीरा-ए-हुस्नउनकाचमकताहुआ
उनकेआनेकीहमनेख़बरपाईजो
रुकगयाथामेरादिलधड़कताहुआ
उनकेबालोंकीख़ुशबूकुछऐसीलगे
जैसेताज़ागुलिस्ताॅंमहकताहुआ
रुख़सेआँचलहटाजोतोऐसालगा
जैसेसूरजकोईहोदमकताहुआ
उनकीआँखोंमेंगुमकुछमैंयूँँहोगया
जैसेवनमेंकोईमनभटकताहुआ
गरवोमुझसेेउदासएकपलहोगया
गिरपड़ेगाइकआँसूछलकताहुआ
  - Ashutosh Tiwari
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