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Krishnavat Ritesh
ye jo duniya hai andhon se lipti hui
ye jo duniya hai andhon se lipti hui | ये जो दुनिया है अंधों से लिपटी हुई
- Krishnavat Ritesh
ये
जो
दुनिया
है
अंधों
से
लिपटी
हुई
राह
तुमको
दिखाऊॅं
तो
क्या
हर्ज
है
तुमको
बाहों
में
कस
के
भरूँ
मैं
ज़रा
जिस्म
पे
तेरे
छाऊॅं
तो
क्या
हर्ज
है
- Krishnavat Ritesh
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जहाँ
पहुँच
के
क़दम
डगमगाए
हैं
सब
के
उसी
मक़ाम
से
अब
अपना
रास्ता
होगा
Aabid Adeeb
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काश
वो
रास्ते
में
मिल
जाए
मुझ
को
मुँह
फेर
कर
गुज़रना
है
Fahmi Badayuni
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सफ़र
में
मुश्किलें
आएँ
तो
जुरअत
और
बढ़ती
है
कोई
जब
रास्ता
रोके
तो
हिम्मत
और
बढ़ती
है
Nawaz Deobandi
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तुम्हारी
शक्ल
किसी
शक्ल
से
मिलाते
हुए
मैं
खो
गया
हूँ
नया
रास्ता
बनाते
हुए
Ashu Mishra
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ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
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Karan Sahar
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वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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अब
ज़िन्दगी
से
कोई
मिरा
वास्ता
नहीं
पर
ख़ुद-कुशी
भी
कोई
सही
रास्ता
नहीं
Rahul
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ज़रा
सी
देर
को
सकते
में
आ
गए
थे
हम
कि
एक
दूजे
के
रस्ते
में
आ
गए
थे
हम
जो
अपना
हिस्सा
भी
औरों
में
बाँट
देता
है
एक
ऐसे
शख़्स
के
हिस्से
में
आ
गए
थे
हम
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Ismail Raaz
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दौलत
शोहरत
बीवी
बच्चे
अच्छा
घर
और
अच्छे
दोस्त
कुछ
तो
है
जो
इन
के
बाद
भी
हासिल
करना
बाक़ी
है
कभी-कभी
तो
दिल
करता
है
चलती
रेल
से
कूद
पड़ूॅं
फिर
कहता
हूॅं
पागल
अब
तो
थोड़ा
रस्ता
बाक़ी
है
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Zia Mazkoor
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कोई
काँटा
कोई
पत्थर
नहीं
है
तो
फिर
तू
सीधे
रस्ते
पर
नहीं
है
मैं
इस
दुनिया
के
अंदर
रह
रहा
हूँ
मगर
दुनिया
मेरे
अंदर
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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हादसा
ये
देख
करके
डर
गया
है
अब
ज़माने
से
मिरा
मन
भर
गया
है
Krishnavat Ritesh
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आज
के
नेता
अपने
मुँह
में
पान
घुलाए
बैठे
हैं
देश
के
कोने
कोने
में
ये
आग
लगाए
बैठे
हैं
Krishnavat Ritesh
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फ़िक्र
से
बे-फ़िक्र
थे
अब
फ़िक्र
है
घेरे
हुए
वो
ज़माना
और
था
अब
ये
ज़माना
और
है
Krishnavat Ritesh
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काट
कर
तेरी
यादों
का
जंगल
कोने
में
इक
शजर
छोड़
देंगे
Krishnavat Ritesh
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जो
दिल
में
है
वही
नासूर
हो
तुम
अकड़
में
जाने
जानाॅं
चूर
हो
तुम
पकड़
के
तोड़
देगा
दिल
तुम्हारा
कि
जिसके
इश्क़
में
मग़रूर
हो
तुम
दिलों
से
खेलती
हो
तोड़ती
हो
सुना
शहरों
में
यूँॅं
मशहूर
हो
तुम
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Krishnavat Ritesh
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